शेयर मार्केट में नुकसान कैसे होता है – 3 मुख्य कारण और उपाय

शेयर मार्केट में नुकसान कैसे होता है? आप तब तक पैसे नहीं खोते जब तक आप स्टॉक बेचते नहीं। अगर आप किसी स्टॉक को उस कीमत से कम पर बेचते हैं, जिस पर आपने खरीदा था, तो आप नुकसान बुक करते हैं।

क्या आप जानते हैं कि मैं एक पत्थर का मालिक हूँ? आज कोई उसे ₹100 में खरीदने को तैयार है। कल, उसकी कीमत ₹50 हो जाती है। मैंने कितना नुकसान किया?

बिल्कुल कुछ नहीं, जब तक मैं उसे बेच न दूँ। पत्थर वही रहता है, सिर्फ़ बाजार की कीमत बदलती रहती है।

यही सिद्धांत शेयर बाजार में भी लागू होता है।

क्या आपने कभी “बुक प्रॉफिट” या “बुक लॉस” शब्द सुने हैं? विश्लेषक अक्सर अपनी रिपोर्ट्स या इंटरव्यू में इन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो किसी स्टॉक को खरीदने या बेचने का संकेत देते हैं।

असल में, आप तब तक पैसे नहीं खोते जब तक आप स्टॉक बेचते नहीं (या शॉर्टिंग के मामले में खरीदते नहीं)। अगर आप किसी स्टॉक को उस कीमत से कम पर बेचते हैं, जिस पर आपने खरीदा था, तो आप नुकसान बुक करते हैं। इसके विपरीत, अगर आप अधिक कीमत पर बेचते हैं, तो आप प्रॉफिट बुक करते हैं।

लेकिन यहाँ एक ज़रूरी बात याद रखें। अगर कोई कंपनी गिरावट के दौर से गुजर रही है और आपने उसके शेयर ऊंची कीमत पर खरीदे हैं, तो बेहतर यही है कि शुरुआती चरण में ही नुकसान बुक कर लें। उम्मीद पर स्टॉक को होल्ड करना, कि भविष्य में उसकी कीमत बढ़ेगी, एक जोखिम भरा कदम हो सकता है।

नुकसान को स्वीकार करें और अपनी पैसे को किसी और बेहतर कंपनी में निवेश करें। एक ऐसी कंपनी जो बेहतर प्रदर्शन कर सकती है और आपको मौजूदा निवेश से अधिक रिटर्न दे सकती है (हालांकि इसके लिए कई शर्तें लागू हो सकती हैं)।

तो हम क्या समझे निवेश के फैसले हमेशा तर्क और आँकड़ों के आधार पर लें, न कि भावनाओं और उम्मीदों के। सही समय पर लिया गया निर्णय आपके भविष्य के रिटर्न को बेहतर बना सकता है।

चलिए अब समझते हैं,

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शेयर मार्केट में नुकसान कैसे होता है?

शेयर मार्केट में नुकसान के सिर्फ़ 3 कारण हैं

  1. पहला और सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि आप या तो गलत स्टॉक चुन रहे हैं या गलत कीमत पर खरीद रहे हैं।
  2. दूसरा कारण यह है कि अगर वे अच्छे स्टॉक को अच्छी कीमत पर खरीदते हैं तो वे अधीर हो जाते हैं। वे स्टॉक के 5-10% ऊपर या नीचे जाने के तुरंत बाद स्टॉक बेच देते हैं।
  3. तीसरा कारण यह है कि वे ज़्यादातर पैसे 2-3 स्टॉक में निवेश करते हैं।

इसके अलावा शेयर मार्केट में नुकसान होने के 100% कोई दूसरा कारण नहीं है। चलिए मैं आपको विस्तार से बताता हूँ:-

1. शेयर मार्केट में नुकसान का पहला कारण – गलत स्टॉक या गलत कीमत

गलत स्टॉक क्या होता है?

बीएसई (BSE) में लगभग 5000 कंपनियां लिस्टेड हैं। क्या इनमें से सभी अच्छी कंपनियां हैं? बिल्कुल नहीं। असल में, केवल 100–200 कंपनियां ऐसी हैं जो वाकई में बेहतर प्रदर्शन करती हैं। फिर भी, लोग उन कंपनियों में निवेश क्यों करते हैं जो वर्तमान हालात में अच्छी नहीं हैं?

2015–2020 के बीच, कई लोगों ने Yes Bank, Vodafone Idea, और Suzlon जैसे स्टॉक्स खरीदे, और अधिकांश ने अपना पैसा खो दिया। उस समय, सैकड़ों यूट्यूबर्स इन स्टॉक्स पर वीडियो बनाते थे, सिर्फ व्यूज़ पाने के लिए।

  • लेकिन सवाल यह है कि क्या ये कंपनियां उस समय वाकई अच्छी थीं?
  • क्या इनकी कमाई और राजस्व लगातार बढ़ रहे थे?

नहीं। फिर भी, लोगों ने उन्हें सिर्फ इसलिए खरीदा क्योंकि किसी ने कहा कि ये कुछ सालों में 100 गुना बढ़ेंगी।

हालांकि, जैसे ही Suzlon ने 2020 से अपनी बैलेंस शीट साफ करना शुरू किया, उनके मुनाफे बढ़ने लगे। अब यह स्टॉक अच्छे रिटर्न देने लगा।

किसी भी कंपनी को अच्छा मानने के लिए जरूरी है कि उसकी कमाई और राजस्व हर साल कम से कम 5–10% बढ़ें और उसका कर्ज (Debt) उसकी नेट वर्थ से कम हो।

गलत समय पर सही कंपनी में निवेश

वर्तमान स्थिति में, स्नैक्स बनाने वाली कंपनियां अच्छी स्थिति में नहीं हैं। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि पिछले तीन वर्षों में पाम ऑयल की कीमतें बढ़ गई हैं। हाल ही में सरकार ने ऑयल पर 20% आयात शुल्क बढ़ा दिया है।

जैसे Pratap Snacks की बात करें, उनकी मार्जिन पिछले तिमाही में 1–2% गिर गई थी, और अब तेल की कीमतों में 20% वृद्धि से उनकी स्थिति और खराब हो जाएगी। ऐसे समय में इस कंपनी में निवेश करना सही नहीं है। जब हालात बेहतर हों, तब इन स्टॉक्स को खरीदना समझदारी होगी।

गलत कीमत पर निवेश करने की गलती

कुछ लोग यह समझ जाते हैं कि कौन सी कंपनियां अच्छी हैं, लेकिन वे गलत कीमत पर फंस जाते हैं।

मान लीजिए, आप अपने हार्डवेयर शॉप के लिए मुख्य सड़क पर जमीन खरीदना चाहते हैं। अगर कोई उस जमीन के लिए ₹1 करोड़ मांगता है, तो क्या आप बिना सोचे समझे उसे खरीद लेंगे? नहीं। आप पहले उसकी सही कीमत पता करेंगे, दूसरों से सलाह लेंगे, और फिर मोलभाव करके सही कीमत पर खरीदेंगे।

शेयर बाजार में भी यही नियम लागू होता है। लोग यह नहीं समझते कि किसी कंपनी के शेयर के लिए सही कीमत क्या होनी चाहिए।

उदाहरण के लिए, सितम्बर 2024 में Zomato का शेयर मूल्य ₹270 है और इसका वैल्यूएशन ₹2.36 लाख करोड़ है। अगर आप एक अरबपति हैं, तो क्या आप इतनी कीमत देकर Zomato खरीदेंगे? नहीं। आप रिसर्च करेंगे, कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और अगले 2–3 साल के मुनाफे का आकलन करेंगे, और फिर सही कीमत तय करेंगे।

सही रणनीति अपनाएं: 200–300 अच्छी कंपनियों की एक सूची बनाएं और देखें कि कौन सी कंपनियां उचित मूल्यांकन (Fair Valuation) पर हैं। फिर उन्हीं में निवेश करें।

आपको पूरा पैसा एक ही दिन में निवेश करने की जरूरत नहीं है। पहले 20% निवेश करें और फिर स्टॉक के 5–10% ऊपर या नीचे जाने पर और खरीदें। इस तरह आप स्टॉक को औसत कीमत पर खरीद पाएंगे।

गलत स्टॉक और गलत कीमत से बचने के लिए जरूरी है कि आप रिसर्च करें और समझदारी से निवेश करें। सही समय और सही कीमत पर लिया गया निर्णय ही बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करेगा।

2. शेयर मार्केट में नुकसान का दूसरा कारण – धैर्य का अभाव

भाई, शेयर बाजार केवल आंकड़ों और कंपनियों का खेल नहीं है, बल्कि यह आपके माइंडसेट का भी खेल है। अगर आपकी जोखिम उठाने की क्षमता 15–20% से कम है, तो शेयर बाजार में कदम रखने से पहले आपको दो बार सोचना चाहिए। ऐसे में, आपके लिए म्यूचुअल फंड, डेब्ट फंड, या एफडी जैसे विकल्प बेहतर हो सकते हैं।

अगर आप 5–6 ब्लूचिप कंपनियों (सबसे भरोसेमंद और लगातार बढ़ती कंपनियां) में लंबे समय तक निवेश करते हैं, तो आपके निवेश का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।

  • पहले साल का अनुभव: आपका पोर्टफोलियो अधिकतम 60% तक रिटर्न दे सकता है, लेकिन इसमें 40% तक गिरावट का भी जोखिम होता है।
  • पहले 5 साल: अगर आप 5 साल तक निवेश करते हैं, तो अधिकतम रिटर्न 39% तक हो सकता है। लेकिन ध्यान दें, इस अवधि में कुछ स्टॉक्स आपको उतने अच्छे रिटर्न नहीं देंगे।

लंबी अवधि का निवेश क्यों सुरक्षित है?

जितना लंबा समय आप बाजार में बिताएंगे, उतना ही आपके निवेश का जोखिम कम होता जाएगा। लंबे समय तक निवेश करने पर आपके रिटर्न स्थिर (Stabilise) होने लगते हैं।

शेयर बाजार में धैर्य और लंबी अवधि की सोच रखना बेहद जरूरी है। अगर आप छोटी अवधि में मुनाफे के पीछे भागेंगे, तो अस्थिरता के कारण नुकसान का खतरा बढ़ जाएगा। लेकिन अगर आप सोच-समझकर और लंबे समय के लिए निवेश करते हैं, तो यह न केवल आपके जोखिम को कम करेगा, बल्कि आपके रिटर्न को भी स्थिर और भरोसेमंद बनाएगा।

टिप: धैर्य रखें, सही समय पर निवेश करें, और अपनी रणनीति पर डटे रहें। यही शेयर बाजार में सफलता की कुंजी है।

3. शेयर मार्केट में नुकसान का तीसरा कारण – कम डाइवर्सिफिकेशन

शेयर बाजार में डाइवर्सिफिकेशन (विभिन्न क्षेत्रों में निवेश) बेहद जरूरी है। अगर आपने सही समय पर सही स्टॉक चुन भी लिया, लेकिन अचानक किसी बुरी खबर ने असर डाल दिया, तो आपका निवेश जोखिम में पड़ सकता है।

उदाहरण: KRBL एक बेहतरीन कंपनी है। यह अपने बासमती चावल ब्रांड के लिए जानी जाती है और दुनिया भर के देशों में इसे निर्यात करती है। लेकिन फिर भी, अगर आपने इस कंपनी में सही मूल्य पर निवेश किया हो, तो भी आपके रिटर्न अच्छे नहीं होंगे। कारण? पूरे चावल सेक्टर को COVID के बाद समस्याओं का सामना करना पड़ा, जैसे युद्ध, पनामा नहर की समस्या, रेड सी संकट, आदि।

इसलिए, सिर्फ एक सेक्टर या एक कंपनी पर निर्भर रहना जोखिमभरा हो सकता है।

बुद्धिमान निवेशक क्या करते हैं?

बुद्धिमान निवेशक हमेशा विभिन्न सेक्टरों की कंपनियों में निवेश करते हैं। उदाहरण के लिए:

  • रिलायंस: ऑयल और गैस रिटेल के लिए
  • ICICI बैंक: बैंकिंग सेक्टर के लिए
  • 3M इंडिया: प्रिसिशन इंजीनियरिंग के लिए
  • टाइम टेक्नोप्लास्ट: प्लास्टिक सेक्टर के लिए
  • IGL और MGL: गैस सेक्टर के लिए
  • ड्रीमफॉक्स: एयरपोर्ट सेवाओं के लिए

इस तरह, आप कम से कम 4–5 सेक्टर में निवेश कर सकते हैं। अगर एक सेक्टर में समस्या आती है, तो अन्य सेक्टर के स्टॉक्स आपके पोर्टफोलियो को संतुलित कर सकते हैं।

अत्यधिक डाइवर्सिफिकेशन भी गलत - बहुत ज्यादा डाइवर्सिफिकेशन करना भी सही नहीं है। इससे आपके फैसले लेना जटिल हो सकता है। सबसे अच्छा तरीका है कि आप 5–6 अच्छी कंपनियों में निवेश करें और अपने धन को बढ़ने का समय दें।

डाइवर्सिफिकेशन न केवल जोखिम को कम करता है, बल्कि यह आपके पोर्टफोलियो को स्थिर भी रखता है। सही क्षेत्रों और कंपनियों का चयन करना और संतुलित निवेश रणनीति अपनाना ही शेयर बाजार में सफल होने का सही तरीका है।

टिप:
हमेशा 4–5 सेक्टर में निवेश करें।
ज़रूरत से ज्यादा कंपनियां न जोड़ें।
धैर्य रखें और अपनी रणनीति पर टिके रहें।
इन सावधानियों और उपायों को अपनाकर आप शेयर बाजार में नुकसान से बच सकते हैं और लंबे समय में बेहतर रिटर्न हासिल कर सकते हैं।

शेयर बाजार से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: डाइवर्सिफिकेशन क्यों जरूरी है?

उत्तर: डाइवर्सिफिकेशन आपके निवेश के जोखिम को कम करता है। जब आप अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश करते हैं, तो एक सेक्टर में समस्या आने पर अन्य सेक्टर्स का प्रदर्शन आपके पोर्टफोलियो को संतुलित करता है।

प्रश्न 2: लंबी अवधि के निवेश का क्या फायदा है?

उत्तर: लंबी अवधि का निवेश जोखिम को कम करता है और आपके रिटर्न को स्थिर बनाता है। समय के साथ, अच्छी कंपनियों के स्टॉक्स मुनाफा देने लगते हैं।

प्रश्न 3: शेयर खरीदने का सही समय कैसे पता करें?

उत्तर: सही समय जानने के लिए मार्केट का विश्लेषण करें। जब शेयर की कीमतें undervalued लगें और कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हों, तब निवेश करें।

प्रश्न 4: क्या बार-बार ट्रेडिंग से ज्यादा मुनाफा होता है?

उत्तर: बार-बार ट्रेडिंग करना मुनाफा देने के बजाय नुकसान भी कर सकता है। लंबी अवधि के निवेश में धैर्य और सही रणनीति से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना होती है।

निष्कर्ष – शेयर मार्केट में नुकसान कैसे होता है

शेयर बाजार में निवेश करना आसान नहीं है, लेकिन समझदारी और सही रणनीति से इसे फायदेमंद बनाया जा सकता है। गलत स्टॉक या गलत कीमत पर निवेश करने से बचना, धैर्य बनाए रखना, और डाइवर्सिफिकेशन के महत्व को समझना ही सफल निवेश की कुंजी है।

गलत स्टॉक का चुनाव, जैसे खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में पैसा लगाना, या केवल अफवाहों पर भरोसा करके निवेश करना, नुकसान का बड़ा कारण बन सकता है। इसके बजाय, ऐसी कंपनियों का चयन करें जो लगातार मुनाफा और राजस्व बढ़ा रही हों।

इसी तरह, सही कीमत पर निवेश करना भी उतना ही जरूरी है। बाजार में धैर्य रखने वाले निवेशक ही लंबे समय में फायदा उठाते हैं। अगर आप जल्दी मुनाफे के लालच में बार-बार ट्रेड करेंगे, तो नुकसान के जोखिम बढ़ जाएंगे।

अंत में, डाइवर्सिफिकेशन को अपनाना निवेश का सबसे बड़ा हथियार है। लेकिन इसमें भी संतुलन बनाए रखना जरूरी है। 4–5 अलग-अलग सेक्टर में निवेश करना आपके पोर्टफोलियो को स्थिर रखेगा और किसी एक सेक्टर में समस्या आने पर आपके बाकी निवेश को सुरक्षित रखेगा।

शेयर बाजार में सफलता के लिए तीन चीजें सबसे महत्वपूर्ण हैं—सही स्टॉक चुनना, सही कीमत पर खरीदना, और धैर्य रखना। अगर आप इन नियमों का पालन करेंगे, तो न सिर्फ आप नुकसान से बचेंगे, बल्कि अपने पोर्टफोलियो को लंबे समय तक बेहतर रिटर्न देने के लिए तैयार कर पाएंगे।

याद रखें: शेयर बाजार में कोई शॉर्टकट नहीं है। सही ज्ञान, धैर्य और अनुशासन ही आपके निवेश को एक नई ऊंचाई तक पहुंचा सकता है।

Nitesh Mishra
Nitesh Mishra
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