क्या आपको शेयर मार्केट में रुचि है, और अन्य लोगों की तरह आप भी शेयर मार्केट से हजारों-लाखों रुपये कमाना चाहते है तो शेयर मार्केट चार्ट का नाम जरूर सुना होगा। बहुत सारे लोग इस चार्ट को देखकर शेयर मार्केट में पैसे लगाते है और वे इससे पैसे भी कमाते है। अगर आप शेयर मार्केट चार्ट को समझ सकते है तो आप बहुत कम नुकसान में अच्छा पैसा कमा सकते है। लेकिन अब सवाल यह आता है कि शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे।
शेयर मार्केट चार्ट को समझना कोई बहुत बड़ा मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसके लिए आपको थोड़ा समय देना होगा। और कुछ चीज़ों को प्रैक्टिकल तरीके से समझना होगा। वैसे मैं आपको बता दूँ कि शेयर मार्केट में काम करने के लिए अलग-अलग तरह के चार्ट को देखना पड़ता हैं, और फिर एक सही निर्णय लेना पड़ता है।
इस आर्टिकल में, मैं आपको बताऊंगा कि शेयर मार्केट चार्ट क्या है, इसके कितने प्रकार होते है, और इसे कैसे समझे। इसके अलावा मैं आपको चार्ट पैटर्न PDF Free Download के बारे में बताऊंगा।
Table of Contents
शेयर मार्केट में चार्ट क्या होता है?
आपको सबसे पहले यह समझना होगा कि शेयर मार्केट में चार्ट क्या होता है। दरअसल हम इन चार्ट की मदद से शेयर मार्केट के ट्रेंड (मार्केट ऊपर जाएगा या नीचे) को और प्राइस के मूवमेंट को ग्राफ की मदद से समझ सकते है। अगर आप इन चार्ट को देखेंगे तो आपको इसमें ओपन, क्लोज, हाई और लो प्राइस की जानकारी मिलेगी। आप ऑप्शन और इंट्राडे ट्रेडिंग में चार्ट को एनालिसिस करके सही समय ट्रेड (buy और sell) कर सकते हैं।
शेयर मार्केट चार्ट एक तरह का ग्राफिकल चार्ट होता है जिसमें X-axis समय अंतराल को दर्शाता है और Y-axis स्टॉक की कीमत में बदलाव को दर्शाता है। यह चार्ट अलग-अलग तरह के होते हैं, जैसे लाइन चार्ट, डेली बार चार्ट, कैंडलस्टिक चार्ट आदि। और इन चार्ट की मदद से अलग-अलग के पैटर्न बनते है, जिनके बारे में मैं आपको आगे बताऊंगा।
शेयर मार्किट चार्ट कैसे पढ़ें?
आजकल शेयर मार्केट में जो भी आ रहा है, उसे शेयर मार्किट चार्ट को जरूर पढ़ना पड़ता है। इसलिए अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करने की सोच रहे है तो इस आर्टिकल को अच्छे पढ़े और समझे। चलिए मैं आपको शेयर मार्केट चार्ट को पढ़ने का तरीका बताता हूँ।
- सबसे पहले आपको कोई भी एक अच्छा टूल सेलेक्ट करना होगा, जैसे कि TradingView.
- अगर आप इसकी वेबसाइट पर जाएंगे तो आप किसी भी एसेट (शेयर, क्रिप्टो, या कमोडिटी) का चार्ट देख सकते है।
- इसके लिए आपको इसमें अपना एक फ्री अकाउंट बनाना होगा, वैसे आप इसका प्रीमियम अकाउंट भी यूज कर सकते है।
- अब आपको “Chart” वाले ऑप्शन में जाना है, जहां पर आपको अलग-अलग तरह के एसेट के चार्ट्स दिखेंगे।
- आपको कोई भी एक स्टॉक का नाम सेलेक्ट करना है, जिसके बाद आपको उसका चार्ट दिखेगा।
- अब आपको Candlestick, Line, और Bar Chart में से कोई एक ऑप्शन सेलेक्ट करना है।
- इसके बाद आपको एक टाइमफ्रेम सेलेक्ट करना है, जैसे 1 दिन से 1 सप्ताह।
- अब आपको चार्ट पर कुछ पॉइन्ट्स को पहचानना है और सपोर्ट व रेजिस्टेंस लाइन को बनाना है।
- इसमें आपको ड्रॉइन टूल मिलेंगे जिससे आप पैटर्न बना सकते है, और उन्हें अच्छे से समझ सकते है।
इस तरह आप किसी एसेट के चार्ट पैटर्न को समझ सकते है।
शेयर मार्केट चार्ट कितने प्रकार के होते हैं?
“शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझें?” के बारे में जानने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि शेयर मार्केट चार्ट कई प्रकार के होते है।
1. लाइन चार्ट
लाइन चार्ट सबसे पुराना और सबसे आसान चार्ट है। शुरुआत में जब इंटरनेट का इतना अधिक उपयोग नहीं किया जाता था तब लोग पेन और पेपर का इस्तेमाल करके प्रत्येक दिन की क्लोजिंग प्राइस को लिखकर एक चार्ट तैयार करते थे और उसी चार्ट को लाइन चार्ट कहा जाता है।
हालांकि लाइन चार्ट को समझना काफी आसान है, लेकिन फिर भी अब बहुत ही कम लोग इस चार्ट का इस्तेमाल करते है, क्योंकि लाइन चार्ट में केवल प्राइस और ट्रेडिंग वॉल्यूम के बारे में ही जानकारी मिलती है। इसके अलावा आपको कोई अन्य जानकारी मिल पाती है।
इसके अलावा वर्तमान समय में काफी सारे आधुनिक चार्ट आ चुके है, जिसमें प्राइस और ट्रेडिंग वॉल्यूम के अलावा बहुत सी जानकारीयां मिल जाती है।
2. बार चार्ट
हालांकि बार चार्ट से लाइन चार्ट के मुकाबले में ज्यादा जानकारी मिलती है, लेकिन इसे समझना थोड़ा सा मुश्किल होता है। लाइन चार्ट के से आपको केवल प्राइस व ट्रेडिंग वॉल्यूम के बारे में जानकारी मिलती है जबकि बार चार्ट में आपको ऑपन प्राइस, क्लोज प्राइस, हाई प्राइस तथा लो प्राइस की जानकारी मिलती है।
साधारण शब्दों में बार चार्ट वर्टिकल यानि खड़ी रेखाओं से मिल बना होता है। और प्रत्येक खड़ी (Vertical) लाइन पर दो हॉरिजॉन्टल लाइन होती है। ये हॉरिजॉन्टल लाइन स्टॉक की ऑपन और क्लोज प्राइस के बारे में बताता है। बार का सबसे ऊपरी हिस्सा हाई प्राइस और सबसे नीचला हिस्सा लॉ प्राइस को बताता है।
3. जापानी कैंडलस्टिक चार्ट
वर्तमान समय में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला चार्ट कैंडलस्टिक चार्ट है,। यह चार्ट अलग अलग प्रकार की लाल और हरी कैंडल से मिलकर बना होता है। इस कारण इसे मोमबत्ती या कैंडल चार्ट कहा जाता है। चुंकि इस चार्ट का विकास सबसे पहले जापान में हुआ था। इस कारण इस चार्ट को जापानी कैंडल भी कहा जाता है।
कैंडल चार्ट से सबसे ज्यादा जानकारी मिलती है। इस कारण आज के समय में बड़ी संख्या में ट्रेडर कैंडल चार्ट को समझकर ही ट्रेड करते है। मैं आपको बता दूं कि कैंडल चार्ट को समझकर अलग अलग कैंडलस्टिक पेटर्न और चार्ट पेटर्न के साथ साथ स्पॉर्ट और रजिस्टेंस के बारे में भी जान सकते है।
4. Heikin Ashi Chart
Heikin Ashi Chart कैंडल चार्ट की तरह ही दिखता है। इस चार्ट में भी कैंडल बनी होती है, लेकिन इस चार्ट को देखने व समझने का स्टाइल बिल्कुल अलग होता है। इस चार्ट को समझने से पहले आपको कुछ मैथमेटिकल कैलकुलेशन को समझना पड़ेगा।
मैं आपको बता दूं कि कैंडल चार्ट में शेयर के रियल ऑपन, क्लोज, हाई और लो प्राइस देखने को मिलती है। जबकि हइकिन आशी चार्ट मेंऑपन, हाई, क्लोज और लॉ प्राइस के औसत का इस्तेमाल करके, बाजार की वोलिटिलिटी को कम कर दिखाता है।
चुंकि इस चार्ट में कैंडल पिछले डाटा को लेकर बनी होती है। इस कारण आज के समय में काफी सारे लोग Heikin Ashi Chart को पसंद कर रहे है।
Other Share Market Charts
इंटरनेट पर इनके अलावा भी और बहुत सारे प्रकार के शेयर मार्केट चार्ट मौजुद है जैसे कि एरिया चार्ट, स्कैटर चार्ट, स्पाइडर चार्ट, गेज चार्ट, तुलना चार्ट,पाई चार्ट, हेड और शोल्डर चार्ट, पॉइंट एंड फिगर चार्ट, लाइन ब्रेकक चार्ट, वर्टेक्स लाइन चार्ट, रैंको चार्ट, स्टेप चार्ट, माउंट चार्ट, बेस लाइन चार्ट, स्कैटर प्लॉट चार्ट, हिस्टोग्राम चार्ट, रैंगो बार चार्ट आदि।
हालांकि इनमें से लाइन चार्ट, बार चार्ट और कैंडल चार्ट का इस्तेमाल सबसे अधिक किया जाता है।
शेयर मार्किट चार्ट कैसे समझे?
शेयर मार्किट चार्ट को समझने के लिए पहले आपको स्टॉक सिंबल, एक्सचेंज, चार्ट समय, प्राइस एक्शन, सपोर्ट रेजिस्टेंस, ट्रेंड लाइन, शेयर बाजार के इंडिकेटर, प्राइस मूवमेंट, वॉल्यूम के साथ साथ शेयर मार्केट की बेसिक जानकारी को समझना होगा। इसे समझने के बाद आप आसानी से शेयर मार्केट चार्ट को समझ सकते है। शेयर मार्केट चार्ट को समझने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें-
1. मार्केट के ट्रेंड को पहचाने
अगर आप शेयर मार्केट चार्ट को समझना चाहते है, तो आपका सबसे पहला काम बाजार के ट्रेंड को समझना होना चाहिए। हम आपको बता दे कि मार्केट में तीन तरह के ट्रेंड होते है।
- Up Trend
- Down Trend
- Side Ways Trend
जब मार्केट की दिशा ऊपर की तरफ होती है, तब Up Trend होता है। जब मार्केट की दिशा नीचे की तरफ होती है, तब Down Trend होता है। और जब मार्केट एक ही रेंज में ऊपर नीचे होता रहता है, तब Side Ways Trend होता है।
मार्केट ट्रेंड को समझने के बाद आपको उसी दिशा में ट्रेंड करना है। वरना आपको घाटा हो सकता है। एक बात का ध्यान रखें कि अलग अलग टाइम फ्रेम में ट्रेंड अलग अलग हो सकता है। जैसे कि अगर आप 5 मिनट का टाइम फ्रेम चुनते है, तो आपको डाउनट्रेंड देखने को मिलें और वहीं अगर आप 1 घंटे का टाइम फ्रेम सेलेक्ट करते है, तो आपको अपट्रेंड दिखें।
सौ बात की एक बात की टाइम फ्रेम का ध्यान रखें। ट्रेंड की उलटी दिशा में जाकर ट्रेडिंग ना करें। हालांकि कुछ लोग स्केल्प ट्रेडिंग करते है। इसमें ट्रेंडर कुछ सेकेंड में ही शेयर को खरीदते है और बेच देते है। जैसे ही शेयर का भाव बढ़ता है, वह तुरंत अपने खरीदे हुए शेयर बेंच देता है।
इन लोगों को शेयर मार्केट चार्ट से कोई लेना देना नहीं होता है। लेकिन अगर आप प्रॉपर ट्रेंडिग सीखना चाहते है, तो उसके लिए आपको शेयर मार्केट चार्ट को समझना होगा।
2. ट्रेडिंग के लिए टाइम विंडो चुनें
अगर आप ट्रेडिंग करके पैसे कमाना चाहते है, तो उसके लिए आपको सही टाइम फ्रेम वाला चार्ट देखना होगा। हालांकि आपके लिए कौन सा ट्राइम फ्रेम वाला चार्ट बेस्ट होगा, यह आपके ट्रेडिंग के टाइम पर निर्भर करता है।
यानि कि अगर आप शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करना चाहते है, तो उसके लिए आपको कम समय वाला चार्ट देखना होगा। वहीं अगर आप लॉन्ग टर्म ट्रेंडिग करना चाहते है, तो उसके लिए आपको ज्यादा समय वाला मार्केट चार्ट देखना होगा।
मान लीजिए कि आप इंट्राडे ट्रेंडिंग कर रहे है, तो आपके लिए 5 मिनट का टाइम फ्रेम वाला चार्ट देखना फायदेमंद होता है। लेकिन अगर आपको 5 मिनट के चार्ट में अच्छा प्राइस एक्शन देखने को नहीं मिलता है, तो आप 15 मिनट का टाइम फ्रेम वाला चार्ट भी देख सकते है। वहीं अगर आप स्विंग ट्रेडिंग कर रहे है, तो आपको 1 दिन का टाइम फ्रेम वाला चार्ट देखना चाहिए।
3. सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस लेवल पता करें
शेयर मार्केट चार्ट को पढ़ते समय आपको सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल का पता लगाना पड़ता है। अगर आप सही स्पॉर्ट और रजिस्टेंस लेवल का पता लगा लेते है, तो आप अनुमान लगा सकते है कि आने वाले समय में शेयर की कीमत कहां तक जा सकती है। इसके अलावा आप इस बात का पता भी लगा सकते है कि आपको शेयर कब खरीदने और कब बेंचने है।
चलिए मैं आपको सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल के बारे में थोड़ी सी जानकारी दे देता हूं-
1. सपोर्ट लेवल: जब किसी स्टॉक का प्राइस दो या दो से अधिक बार किसी निश्चित प्राइस लेवल को छूकर ऊपर जाता है, तो उसे हम सपोर्ट लेवल कहते है। इसे आप एक कमरे की दीवार मान सकते है, जो स्टॉक की प्राइस को नीचे जाने से रोकती है। इस केस में काफी ज्यादा चांसेज होते है कि स्टॉक की प्राइस बढ़े। इस कारण जब प्राइस सपोर्ट लेवल तक पहुंच जाती है तब काफी सारे लोग शेयर खरीदने लगते है।
2. रेजिस्टेंस लेवल: जब किसी स्टॉक की प्राइस दो या दो से अधिक बार किसी तय प्राइस लेवल को छूकर नीचे गिर जाता है, तो उसे रजिस्टेंस लेवल कहते है। इसे आप किसी कमरे की छत समझ सकते है जो कि स्टॉक की प्राइस को ऊपर जाने से रोकती है। जब किसी स्टॉक की प्राइस रजिस्टेंस लेवल तक पहुंचती है, तो काफी ज्यादा चांसेज़ होते है कि स्टॉक की प्राइस गिरेगी। इसलिए इस लेवल तक प्राइस पहुंचने के बाद लोग शेयर बेचना शुरु कर देते है।
NOTE: मैं आपको बता दूं कि रेजिस्टेंस और सपोर्ट लेवल 100% सटीक नहीं बता सकता है कि प्राइस इस ज्यादा या कम नहीं जा सकता है, क्योंकि बार स्टॉक के प्राइस रजिस्टेंस लेवल को तोड़कर ऊपर चले जाते है, और कई बार प्राइस सपोर्ट लेवल से नीचे भी चली जाती है।
4. शेयर मार्केट चार्ट में ट्रेंड लाइन खीचें
देखो दोस्तो, जिस प्रकार नदी का पानी हमेशा एक ही दिशा में बहता है। कभी तेज, तो कभी धीरे। ठीक उसी अपने शेयर बाजार में भी शेयर की प्राइस एक दिशा में चलती हैं। कभी ऊपर तो कभी नीचे। शेयर मार्केट में शेयर की प्राइस की दिशा को दिखाने का काम ट्रेंडलाइन करती है।
अगर मैं सरल शब्दों में बताने की कोशिश करूं तो मैं कह सकता हूं कि शेयर की कीमतों की दिशा दिखाने वाली रेखा को ट्रेंड लाइन कहा जाता है। और आपको मार्केट चार्ट में सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल देखकर और बाजार का ट्रेंड देखकर ट्रेंड लाइन बनाना पड़ता है।
अभी आप जिस भी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे है, वहां पर आपको ट्रेडिंग लाइन बनाने के लिए टूल मिल जाएगा। इस बात का ध्यान रखें कि ट्रेंडलाइन Horizontal और Vertical कुछ भी हो सकती है।
ट्रेंडलाइन बनाकर आप शेयर मार्केट के पेटर्न को देख सकते है, जिन्हे समझकर आप प्रोफिटेबल ट्रेड कर सकते है।
5. चार्ट पेटर्न को पहचानें
जब आप ट्रेंडलाइन बनाते है, तो आपको अलग अलग प्रकार के पेटर्न बनते हुए दिखते हैं। जैसे कि डबल टॉप चार्ट पेटर्न, डबल बॉटम चार्ट पेटर्न, रिवर्सल चार्ट पेटर्न, हेड एंड शोल्डर पेटर्न, बुलिश एंगल्फिंग पैटर्न, बेरिश एंगल्फिंग पैटर्न, फ्लैग पैटर्न आदि।
आप इन पैटर्न को समझकर यह पता कर सकते है कि स्टॉक के भाव कब ऊपर जाएंगे और कब नीचे। अगर आप चार्ट पैटर्न को समझकर ट्रेंड करते है, तो आपको काफी अच्छा प्रोफिट होता है।
हालांकि मैं जानता हूं कि अभी आपको इन पैटर्न के बारें में नहीं जानते है, लेकिन फिलहाल आपको घबराने की आवश्यकता नहीं हैं, क्योंकि आगे मैं आपको इन सभी इंपोर्टेंट चार्ट पैटर्न के बारे में बताऊंगा।
6. कैंडलस्टिक पेटर्न को पहचानें
जब आप कैंडलस्टिक चार्ट को देखते है, तो वहां पर आपको अलग अलग प्रकार के कैंडलस्टिक पैटर्न देखने को मिलते है। आपको इन कैंडलस्टिक पैटर्न को समझना है और उनके अनुसार ही ट्रेड करना है, ताकि आपको ट्रेड में प्रोफिट हो।
7. चार्ट में रिवर्सल संकेत मिलने पर स्टॉक से एग्जिट करें
जब आप मार्केट चार्ट का अच्छे से एनालिसिस करते है, तो आपको पहले ही पता चल जाता है कि मार्केट ऊपर जाएगा या फिर नीचे गिरेगा। अगर आपको चार्ट में रिवर्सल संकेत मिलता है, तो स्टॉक से एग्जिट करें।
हालांकि कुछ लोग पुट कॉल रेश्यो और ऑप्शन चेंज डाटा पर भी भरोसा करते है जो कि उन्हे बताता है कि लोग किस तरह के शेयर खरीद और बेच रहे है, लेकिन इन्हे समझना हमारे लिए थोड़ा सा मुश्किल होता है और ये हमेशा सही नहीं होते है।
चार्ट पैटर्न Kya Hai?
अगर आप शेयर मार्केट में अपने पैसे इन्वेस्ट करना चाहते है तो आपको सबसे पहले चार्ट पैटर्न को समझना होगा। दरअसल चार्ट पैटर्न एक ऐसा आकार होता है जो आपको रियल शेयर मार्केट की प्राइस चार्ट में दिखाई देता है। यह चार्ट पैटर्न आपको शेयर मार्केट में अगले कदम पर कीमतों के बारे में बताता है।
इन पैटर्नस को अतीत के आधार पर अनुभवी लोग बनाते हैं। और यह पैटर्न टेक्नीकल एनालिसिस का एक हिस्सा है, लेकिन यह गारंटी नहीं देते कि बाजार उसी के हिसाब से चलेगा। इससे आप मार्केट में कीमतों की दिशा और संभावित मूवमेंट को आसानी से समझ सकते है। और फिर आप सही समय पर अपने शेयर को खरीद और बेच सकते है।
क्या आपको पता है कि चार्ट पैटर्न को मुख्य तीन भागों में बांटा गया है:
1. कंटीन्यूएशन पैटर्न (Continuation Patterns)
इस प्रकार के पैटर्न आपको यह बताएंगे कि मार्केट ऊपर की तरफ ही जाएगा, तो ऐसे में आप अपने पैसे लगा सकते है।
2. रिवर्सल पैटर्न (Reversal Patterns)
इस प्रकार के पैटर्न आपको यह बताएंगे कि ट्रेंड अपनी दिशा बदल सकता है। मतलब अगर किसी शेयर की प्राइस ऊपर की तरफ जा रही है, और रिवर्सल पैटर्न बन रहा है तो ऐसे उस शेयर की प्राइस नीचे गिर सकती है।
3. बाइलेट्रल पैटर्न (Bilateral Patterns)
इस प्रकार के पैटर्नस आपको यह बताएंगे कि कीमत किसी भी दिशा में जा सकती है, मतलब मार्केट में बहुत ज्यादा अस्थिरता (Volatility) होगी। और ऐसी स्थिति में यह तय करना बहुत मुश्किल होगा कि कीमते ऊपर जाएगी या फिर नीचे जाएगी।
Top Chart Patterns
चलिए अब मैं आपको कुछ सबसे बेहतरीन चार्ट पैटर्न के बारे में बताता हूं जिससे आप सही समय में अपने शेयर को बेच और खरीद सकते है।
1. Head and shoulders
Head and shoulders दुनिया के टॉप पैटर्नस में से एक है। इस पैटर्न में एक बड़ा पीक (हेड) होता है और उसके दोनों साइड थोड़ा छोटे पीक (शोल्डर्स) होते हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते है कि मार्केट तेजी से मंदी की तरफ जाएगा।
इसमें आमतौर पर पहला और तीसरा पीक दूसरे पीक से छोटा होता है, लेकिन ये सभी एक ही सपोर्ट लेवल पर वापस आते है जिसे हम ‘नेकलाइन‘ कह सकते है। और हां जब तीसरा पीक सपोर्ट लेवल पर वापिस आता है तो संभावना होती है कि मार्केट बेयरिश डाउनट्रेंड में बदल जाएगा, याकि मंदी आएगी।

2. Ascending triangle
यह एक तरह का Bullish Continuation Pattern है जो आपको किसी एसेट के अपट्रेंड के बारे में बताएगा। इस पैटर्न को समझने के लिए आपको सबसे पहले हाई पीक को देखते हुए एक Horizontal Line बनानी है जिसे हम Resistance कह सकते है। इसके बाद आपको निम्नतम पीक को जोड़ते हुए ऊपर की ओर एक लाइन बनानी है जिसे हम सपोर्ट कह सकते है।
अगर आपका पैटर्न नीचे दिखाई गयी ईमेज के अनुसार बनता है तो यह एक Ascending Triangle Pattern है। इस पैटर्न का मतलब है कि उस एसेट में बायर्स की संख्या बढ़ रही है। और जब उसकी कीमत रेजिस्टेंस लेवल को तोड़ती है तो इसका मतलब है कि उसकी कीमते और ऊपर तक जा सकती है।

3. Descending triangle
यह पैटर्न Ascending triangle का ऊल्टा है जो एक तरह का bearish continuation pattern है। इस प्रकार का पैटर्न हमें किसी एसेट का डाउनट्रेंड दिखाता है। अगर आपको यह पैटर्न देखना है तो इसके लिए आपको एक सपोर्ट लाइन बनानी होगी, जहां पर कीमतें बार-बार आकर गिरती है, लेकिन उसे तोड़ नहीं पाती है।
इसके बाद आपको एक रेजिस्टेंस लाइन बनानी होगी जो लगातार एक के बाद एक हाई पीक से कम होती जाती है, जैसा की ईमेज में दिखाया गया है। इस तरह आप एक Descending Triangle पैटर्न को पहचान सकते है। और फिर गिरते हुए मार्केट में Short Position लेकर अच्छा मुनाफा कमा सकते है।

4. Symmetrical triangle
सिमेट्रिकल ट्रायंगल एक ऐसा चार्ट पैटर्न है जो हमें मार्केट के बुलिश (तेजी) या बेरिश (मंदी) दोनों के बारे में बता सकता है। और हां, यह एक तरह से कंटीन्यूशन पैटर्न होता है, मतलब जब पैटर्न बनता है तो मार्केट आमतौर पर उसी दिशा में चलता रहता है।
अगर आपको यह पैटर्न देखना है तो इसके लिए आपको Lower highs और Higher lows को पहचानना होगा जो कि नीचे दी गयी इमेज में दिखाया गया है।

लेकिन ध्यान दे कि अगर यह पैटर्न बनने से पहले मार्केट में कोई भी क्लिअर ट्रेंड नहीं हैं, तो कीमत किसी भी दिशा में ब्रेकआउट कर सकती है। और इसी वजह से लोग इसे बाइलेट्रल पैटर्न भी कहते है।

5. Double top
डबल टॉप चार्ट की मदद से आप मार्केट में ट्रेंड रिवर्सल को समझ सकते है। इस प्रकार के पैटर्न में आमतौर पर किसी एसेट की कीमत पहले एकदम ऊपर पीक तक जाएगी, और फिर वहां से सपोर्ट लेवल तक वापिस आती है। इसके बाद उसकी कीमत वापिस उसी हाईएस्ट पीक तक जाती है, लेकिन उस पीक से ऊपर नहीं जा पाती है। और फिर उसकी कीमत गिरने लगती है।
ज्यादातर ट्रेडर्स इस पैटर्न का उपयोग डाउनट्रेंड की शुरुआत का अनुमान लगाने के लिए करते है। इसमें बायर्स कम हो जाते हैं और सेलर्स बढ़ जाते हैं।

6. Double bottom
डबल बॉटम चार्ट पैटर्न भी एक बहुत ही खास पैटर्न है। यह पैटर्न तब बनता है जब किसी एसेट (यानी शेयर, क्रिप्टो या कमोडिटी) की कीमत पहले नीचे गिरती है, और फिर एक सपोर्ट लेवल के नीचे चली जाती है। इसके बाद उसकी कीमत वापिस थोड़ी बढ़ती है और एक रेजिस्टेंस लेवल तक पहुंचती है, और फिर वापिस नीचे गिरती है।
इस तरह अंत में, मार्केट में बियरिश ट्रेंड यानी मंदी खत्म हो जाती है। और एसेट की कीमत बढ़ने लगती है, यानी बुलिश ट्रेंड आ जाता है। इस पैटर्न को बुलिश रिवर्सल पैटर्न कहा जाता है क्योंकि इसमें मार्केट डाउनट्रेंड से अपट्रेंड में बदल जाता है।

7. Rounding bottom
राउंडिंग बॉटम चार्ट पैटर्न हमे मार्केट के continuation या reversal के बारे में बताता है। मतलब आपको इस पैटर्न से यह पता चलेगा कि मार्केट में किसी एसेट का ट्रेंड जारी रहेगा या फिर ट्रेंड बदल जाएगा।
इस प्रकार के पैटर्न में अगर किसी एसेट की कीमत पहले से अपट्रेंड में है, और उसमें हल्की सी गिरावट आए, लेकिन फिर से ऊपर की तरफ बढ़ने लगे, तो इसका मतलब है कि प्राइस ऊपर की तरफ जाएगी। राउंडिंग बॉटम चार्ट पैटर्न अक्सर मार्केट में स्थिरता और उसके बाद तेजी के संकेत को दर्शाता है।

8. Cup and handle
इस प्रकार प्रकार के पैटर्न को बुलिश कंटिन्युएशन पैटर्न कहा जाता है क्योंकि इसमें मार्केट थोड़े समय के लिए नीचे आ सकता है, लेकिन उसके बाद कुल मिलाकर मार्केट ऊपर ही जाएगा। इस पैटर्न में सबसे पहले राउंडिंग बॉटम पैटर्न की तरह एक कप बनेगा। इसके बाद एसेट की प्राइस धीरे-धीरे ऊपर चढ़ेगी।
लेकिन कुछ समय बाद प्राइस थोड़ी नीचे गिरेगी जो कि दो समानंतर रेखाओं के बीच सीमित होगी, और इसी को हैंडल कहा जाता है। इसके बाद जैसे ही हैंडल पूरा होगा, एसेट की कीमत वापिस बढ़ने लगेगी। इस तरह कुल मिलाकर मार्केट बुलिश ट्रेंड में आगे बढ़ेगा।

9. Pennant or flags
इस प्रकार के पैटर्न में किसी एसेट की प्राइस सबसे पहले ऊपर की तरफ जाती है, और फिर कुछ समय के लिए उसकी प्राइस में उतार-चढ़ाव चलता रहता है। पेनन्ट पैटर्न दो प्रकार के होते हैं:
बुलिश: जब पेनन्ट का पैटर्न लगातार ट्रेंड को ऊपर की तरफ दिखाता है तो इसका मतलब है कि कीमत और भी ऊपर की तरफ बढ़ेगी।
बेयरिश: जब यह पैटर्न नीचे की तरफ चलता जाता है तो इसका मलतब है कि प्राइस नीचे गिरती रहेगी।

10. Wedges
Wedges Pattern भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण पैटर्न है जो आपको बहुत सारी कंपनीयों के शेयर की प्राइस में देखने को मिलेगा। इसमें एसेट की प्राइस दो ट्रेंड लाइन (रेजिस्टेंस और सपोर्ट) के बीच ही रहती है। यह पैटर्न दो प्रकार के होते हैं: Rising और Falling.
Rising Wedges Pattern में एसेट की प्राइस सपोर्ट और रेजिस्टेंस दोनों लाइनों के बीच लगातार ऊपर की तरफ जाती है। और इसमें सपोर्ट की लाइन तेजी से ऊपर की तरफ बढ़ती है। ऐसी स्थिति में जब एसेट की प्राइस सपोर्ट लाइन को तोड़ देती है तो उसके बाद उसकी प्राइस लगातार नीचे की तरफ गिरने लगती है।

लेकिन Falling Wedge Pattern में इसका ठीक ऊल्टा होता है। मतलब इस पैटर्न में पहले एसेट की प्राइस नीचे की तरफ गिरी हुई होती है, और दो लाइनों के बीच सीमित होती है। इसके अलावा रेजिस्टेंस लाइन तेजी से नीचे जाती है और सपोर्ट लाइन धीरे-धीरे नीचे जाती है।
इस स्थिति में प्राइस एक समय बाद रेजिस्टेंस लेवल को तोड़ ऊपर की तरफ जाएगी। और इस पैटर्न से आप अच्छा मुनाफा कमा सकते है।

चार्ट पैटर्न PDF Free Download
मैंने यहां पर आपके लिए Chart Pattern PDF Free Download करने के लिए कुछ लिंक्स दी हैं। इससे आप पीडीएफ को डाउनलोड सकते है और उससे पॉपुलर पैटर्नस को सीख सकते हैं।
1 चार्ट पैटर्न PDF Free Download Now
2 Cannibalistic पैटर्न PDF Free Download Now
3 Candlestick pattern by the Financial Doctor PDF Free Download Now
4 चार्ट पैटर्न Candlesticks PDF Free Download Now
शेयर मार्केट चार्ट कैसे देखते हैं?
शेयर मार्केट के चार्ट को पढ़ना और समझना इतना आसान नहीं हैं। इसके लिए आपको एक अच्छी स्किल की जरूरत पड़ेगी। चलिए मैं आपको कुछ आसान स्टेप्स में बताता हूँ कि आप शेयर मार्केट चार्ट को कैसे देख सकते हैं।
- सबसे पहले आपको चार्ट के प्रकार समझने होंगे, जैसे लाइन चार्ट, बार चार्ट, और कैंडलस्टिक चार्ट आदि।
- इसके बाद आपको इंट्राडे, शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग के बारे में सिखना होगा।
- शेयर मार्केट के चार्ट को समझने के लिए आपको प्राइस मूवमेंट को भी समझना होगा जैसे कि अपट्रेंड, डाउनट्रेंड, और साइडवेज़ ट्रेंड।
- आपको यह भी समझना होगा कि पैटर्न में सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल क्या होता है।
- आपको कंटीन्यूएशन पैटर्न , रिवर्सल पैटर्न और बाइलेट्रल पैटर्न के बारे में भी सीखना होगा।
- इसके बाद आपको किसी एक अच्छे प्लेटफॉर्म को सेलेक्ट करना होगा जैसे कि Zerodha, Upstox, TradingVie, Groww.
यह सब सीखने के बाद आप किसी भी शेयर मार्केट के चार्ट को देख और समझ सकते है। हालांकि इन सभी के बारे में मैं आपको इस आर्टिकल में बता चुका हूँ।
शेयर मार्केट चार्ट पढ़ना क्यों जरूरी है?
बहुत सारे ट्रेडर्स को चार्ट पढ़ना फालतू का काम लगता है, लेकिन अच्छे मुनाफे के लिए हमें शेयर मार्केट चार्ट को पढ़ना बहुत जरूरी है। क्योंकि इससे हम किसी स्टॉक या मार्केट की दिशा और संभावित कीमत के मूवमेंट का पता लगा सकते है। चार्ट पैटर्न की मदद से हम यह समझ सकते है कि हमें मार्केट में स्टॉक कब खरीदना है और कब बेचना है।
इसके और भी काफी सारे फायदे हैं, जैसे कि…
- एसेट की कीमत को अच्छे से एनालिसिस कर सकते है।
- हम सही समय पर निवेश या ट्रेडिंग कर सकते है।
- शेयर मार्केट टेकनिकल एनालिसिस के लिए चार्ट को पढ़ना जरूरी है।
- इससे हम मार्केट की मनोस्थिति का आसानी से पता लगा सकते है।
- शेयर मार्केट चार्ट को पढ़कर हम अपने रिस्क को कम कर सकते है।
- इससे हम आसानी से मार्केट की दिशा का अनुमान लगा सकते है।
- इसकी मदद से नए निवेशक भी आसानी से निवेश कर सकते है।
शेयर मार्केट चार्ट को एनालिसिस कैसे करें
अगर आप शेयर मार्केट के चार्ट को एनालिसिस करना चाहते है तो आप कुछ इस प्रकार एनालिसिस कर सकते है।
- आपको मार्केट के ट्रेंड की दिशा में अपनी एनालिसिस शुरू करनी चाहिए।
- कभी भी ऑप्शन चैन एनालिसिस में चार्ट को देखना ना भूले।
- हमेशा चार्ट की प्राइस के मूवमेंट पर अपनी तीखी नजर रखें।
- चार्ट में अलग-अलग कैंडलस्टिक पैटर्न को एनालाइज करने की कोशिश करें।
- किसी अन्य के डाटा पर पूरा भरोसा ना करें, बल्कि अपनी रिसर्च को आगे रखें।
- चार्ट में टेक्निकल एनालिसिस की मदद से सही एंट्री पॉइन्ट को ढूंढे।
- चार्ट में वॉल्यूम और मोमेंटम का पता लगाए।
- किसी एक अच्छे टूल का अभ्यास करें, जैसे कि TradingView.
- अलग-अलग शेयर मार्केट चार्ट पैटर्न को प्रेक्टिकल रुप से समझे।
- कुछ पॉपुलर लोगों की ट्रेडिंग साइकोलॉजी को समझे।
- चार्ट एनालिसिस से के लिए अच्छे ट्रेडर्स की बुक्स को पढ़े।
FAQs: शेयर मार्किट चार्ट कैसे समझे
Q1. चार्ट पर क्या देखना चाहिए?
उत्तर: अगर आप शेयर मार्केट चार्ट की मदद से निवेश करना चाहते है तो इसके आपको कुछ महत्वपूर्ण चीज़ों पर नजर डालनी होगी, जैसे कि ट्रेंड, सपोर्ट और रेजिस्टेंस, कैंडलस्टिक पैटर्न्स, वॉल्यूम, मूविंग एवरेज, टाइम फ्रेम, चार्ट पैटर्न्स आदि।
Q2. स्टॉक मार्केट चार्ट कैसे समझे?
उत्तर: स्टॉक मार्केट चार्ट को समझने के लिए आपको कई चीज़ों पर ध्यान देना होगा जैसे कि चार्ट के प्रकार, चार्ट के कंपोनेंट्स, चार्ट पैटर्न्स आदि। इसके बाद आप स्टॉक मार्केट चार्ट को समझ सकते है। हालांकि इन सभी के बारे में मैंने इस आर्टिकल में विस्तार से बताया है।
Q3. शेयर मार्किट कैंडल चार्ट को कैसे समझे?
उत्तर: कैंडल चार्ट को समझने के लिए आपको इसके कुछ महत्वपूर्ण कंपोनेंट को सीखना होगा, जैसे ओपनिंग प्राइस, क्लोजिंग प्राइस, हाई प्राइस और लो प्राइस। इसके अलावा आपको कैंडल के रंगों और कैंडलस्टिक पैटर्न्स के बारे में पता होना चाहिए।
Conclusion: शेयर मार्किट चार्ट कैसे समझे
अगर आप शेयर मार्केट से पैसे कमाना चाहते है, तो उसके लिए शेयर मार्केट को समझना काफी महत्वपूर्ण होता है। बिना चार्ट को समझे शेयर मार्केट में इनवेस्ट करना बिना सेफ्टी के शेर के मुंह में हाथ डालने के समान होता है।
इसलिए मैने आपको इस लेख में “शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझें” के बारे में बताया। मुझे पूरा विश्वास है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप शेयर मार्केट चार्ट को पढ़ने में एक्सपर्ट बन जाएंगे। अंत में, अगर यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ है, तो इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें।